जब जागो तब सवेरा !

वो कहते है ना "बड़ा सब बनना चाहते है पर शुरुआत करने की हिम्मत नहीं जुटा पाते "

और कुछ करने का सपना भी उन हज़ारो सपनो की तरह सपना ही रह जाता है जो हम बचपन से देख रहे है I


हम दोनों भी उन्ही सपनो की दुनिया में जी रहे थे I

फिर लगा क्यों ना अपने पंखो को उड़ान दे दी जाये और बढ़ गए कदम कुछ अच्छा करने के लिए I

आप सबसे बात करके एहसास हुआ कि साथ देने वाले भी बहुत है I अभी शुरुआत है फिर भी लोग मिल रहे है और कारवां बढ़ता जा रहा है I




Today's Woman with New Ideas
जब जागो तब सवेरा


बातो बातो में ये अहसास भी हुआ है कि सबके दिमाग में कुछ करने का प्लान तो तैयार है पर एक समय है जो हमे लगता है हमारे पास नहीं है , और उसके बिना हम कुछ कर नहीं पाएंगे I यही सोच कर जाने कितनी बार हमने अपने कदम पीछे हटा लिए थे I




पर किसी ने ये भी सच ही कहा है "जब जागो तब सवेरा "

इसी सोच के साथ हमने भी अपना पहला कदम बढ़ाया, सबके सपनो को एक नयी दिशा देने के लिए I

क्योंकि आज की एक छोटी शुरुआत कल एक बड़ा नाम भी तो बन सकती है I


तो क्यों न अपने नन्हे मुन्ने दिल में छुपी उस बिज़नेस वुमन को बाहर निकाल कर अपनी एक पहचान बनायीं जाये जो शायद एलबम की फोटो में कही खो गयी है I





arsira (अरसिरा ) उसी सपने की शुरुआत है I




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